Wednesday, April 22, 2026

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ग्राम हरवेल में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया अक्ती तिहार

कमलेश कुमार मरकाम की रिपोर्ट

बड़ेराजपुर/हरवेल ~ कोंडागांव जिले के विकासखण्ड बड़ेराजपुर अंतर्गत इन दिनों सभी ग्रामीण क्षेत्रों में अक्ति त्यौहार धुमधाम के साथ मनाया जा रहा है इसी तरह बड़ेराजपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हरवेल में पांडे सेठिया और वैध परिवारों के द्वारा सोमवार 20 अप्रैल को परंपरागत श्रद्धा और आस्था के साथ अक्ती तिहार मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने अपने पूर्वजों को स्मरण करते हुए जल तर्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।ग्रामीणों द्वारा पूर्वजों की परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार धूप, अगरबत्ती, फूल और चावल से विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके साथ ही पितरों को जल अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।गांव के बैध, पांडे और सेठिया परिवारों ने बताया कि अक्ती तिहार के अवसर पर विशेष रूप से फरसा पान पत्री में आम का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और ग्रामीण आज भी इसे पूरी श्रद्धा के साथ निभा रहे हैं।इस दौरान गांव के कई लोग नदी और अन्य जल स्रोतों के किनारे एकत्र होकर अपने पितरों को जल तर्पण करते हैं। जल तर्पण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब ग्रामीण घर वापसी के लिए निकलते हैं, तब वे तालाब या जल स्रोत से मिट्टी का ढेला और जल भी अपने साथ घर लेकर आते हैं, जिसे परंपरा और आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस दौरान प्रमुख रूप से मौजूद रहे शिवराम पांडे, संतु पांडे,बोहरलाल सेठिया, कुंभकरण पांडे, विष्णुपांडे, सुरेन्द्र पांडे,विजय पांडे ,रितेश पांडे, रक्षा पांडे, श्रवण बैध, फरसूराम बैध, फ़नस बैध, गांडो राम बैध एवं आदि मौजूद रहे

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ग्राम हरवेल में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया अक्ती तिहार

कमलेश कुमार मरकाम की रिपोर्ट

बड़ेराजपुर/हरवेल ~ कोंडागांव जिले के विकासखण्ड बड़ेराजपुर अंतर्गत इन दिनों सभी ग्रामीण क्षेत्रों में अक्ति त्यौहार धुमधाम के साथ मनाया जा रहा है इसी तरह बड़ेराजपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हरवेल में पांडे सेठिया और वैध परिवारों के द्वारा सोमवार 20 अप्रैल को परंपरागत श्रद्धा और आस्था के साथ अक्ती तिहार मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने अपने पूर्वजों को स्मरण करते हुए जल तर्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।ग्रामीणों द्वारा पूर्वजों की परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार धूप, अगरबत्ती, फूल और चावल से विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके साथ ही पितरों को जल अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।गांव के बैध, पांडे और सेठिया परिवारों ने बताया कि अक्ती तिहार के अवसर पर विशेष रूप से फरसा पान पत्री में आम का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और ग्रामीण आज भी इसे पूरी श्रद्धा के साथ निभा रहे हैं।इस दौरान गांव के कई लोग नदी और अन्य जल स्रोतों के किनारे एकत्र होकर अपने पितरों को जल तर्पण करते हैं। जल तर्पण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब ग्रामीण घर वापसी के लिए निकलते हैं, तब वे तालाब या जल स्रोत से मिट्टी का ढेला और जल भी अपने साथ घर लेकर आते हैं, जिसे परंपरा और आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस दौरान प्रमुख रूप से मौजूद रहे शिवराम पांडे, संतु पांडे,बोहरलाल सेठिया, कुंभकरण पांडे, विष्णुपांडे, सुरेन्द्र पांडे,विजय पांडे ,रितेश पांडे, रक्षा पांडे, श्रवण बैध, फरसूराम बैध, फ़नस बैध, गांडो राम बैध एवं आदि मौजूद रहे

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