Tuesday, March 24, 2026

National

spot_img

फरसगांव सहकारी केंद्रीय बैंक में किसानों की दयनीय स्थिति, व्यवस्था सुधार की मांग को लेकर शासन प्रशासन को किसानों ने कई बार जगाया किसानों की समस्या इस क्षेत्रिय बैंक के चक्कर लगाते लगाते कई चप्पल घिस गये, किंतु, परंतु लगाकर आजतक समस्या का समाधान नहीं कर पायी………डबल इंजन…… सरकार।


विजय कुमार प्रधान की रिपोर्ट

कोंडागांव

जिला बनने के बाद से लेकर आज तक फरसगांव स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में किसानों को अपने ही हक के पैसे निकालने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद भुगतान प्राप्त करने के लिए रोजाना सुबह-शाम बैंक के बाहर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। और विड्राल लेने के लिए धक्का मुक्की।

फरसगांव ब्लॉक के किसानों का कहना है कि बैंक में भीड़ अधिक होने और पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है। कई किसान दूर-दराज गांवों से आकर भी अपने खाते से पैसा नहीं निकाल पाते, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
किसानों की मांग है कि फरसगांव ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग सहकारी बैंक शाखाएं खोली जाएं, ताकि किसानों को अपने हक का पैसा निकालने के लिए भटकना न पड़े। साथ ही बैंक में कर्मचारियों की संख्या और सुविधाओं को भी बढ़ाने की आवश्यकता बताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि प्रशासन और सरकार को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि किसानों को समय पर उनका भुगतान मिल सके और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके।
बस्तर क्षेत्र के किसान उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगें जिससे क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके।

यदि समस्याओं का समाधान सरकार नहीं कर पा रही है तो आगामी दिनों में इस क्षेत्र के सभी किसान एकजुट होकर उग्र आंदोलन प्रदर्शन चक्का जाम करने का निर्णय लिया गया है।

जिसमें शासन प्रशासन की जिम्मेदारी होगा।

International

spot_img

फरसगांव सहकारी केंद्रीय बैंक में किसानों की दयनीय स्थिति, व्यवस्था सुधार की मांग को लेकर शासन प्रशासन को किसानों ने कई बार जगाया किसानों की समस्या इस क्षेत्रिय बैंक के चक्कर लगाते लगाते कई चप्पल घिस गये, किंतु, परंतु लगाकर आजतक समस्या का समाधान नहीं कर पायी………डबल इंजन…… सरकार।


विजय कुमार प्रधान की रिपोर्ट

कोंडागांव

जिला बनने के बाद से लेकर आज तक फरसगांव स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में किसानों को अपने ही हक के पैसे निकालने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद भुगतान प्राप्त करने के लिए रोजाना सुबह-शाम बैंक के बाहर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। और विड्राल लेने के लिए धक्का मुक्की।

फरसगांव ब्लॉक के किसानों का कहना है कि बैंक में भीड़ अधिक होने और पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है। कई किसान दूर-दराज गांवों से आकर भी अपने खाते से पैसा नहीं निकाल पाते, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
किसानों की मांग है कि फरसगांव ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग सहकारी बैंक शाखाएं खोली जाएं, ताकि किसानों को अपने हक का पैसा निकालने के लिए भटकना न पड़े। साथ ही बैंक में कर्मचारियों की संख्या और सुविधाओं को भी बढ़ाने की आवश्यकता बताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि प्रशासन और सरकार को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि किसानों को समय पर उनका भुगतान मिल सके और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके।
बस्तर क्षेत्र के किसान उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगें जिससे क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके।

यदि समस्याओं का समाधान सरकार नहीं कर पा रही है तो आगामी दिनों में इस क्षेत्र के सभी किसान एकजुट होकर उग्र आंदोलन प्रदर्शन चक्का जाम करने का निर्णय लिया गया है।

जिसमें शासन प्रशासन की जिम्मेदारी होगा।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES