Sunday, April 5, 2026

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लिहागांव में कुंवारी मावली देव मेला श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ

कमलेश कुमार मरकाम की रिपोर्ट

विश्रामपुरी/बड़ेराजपुर ~ कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लिहागांव में कुंवारी मावली देव मेला शुक्रवार को बड़े ही श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विशेष रूप से बालेंगा, आमगांव और पातरीपारा सहित कई गांवों के ग्रामीण मेले में शामिल होकर पूजा-अर्चना और पारंपरिक अनुष्ठानों में सहभागी बने। ग्रामीण क्षेत्रों से आये देवी देवताओं को मेला परिसर में भ्रमण कराया गया और ग्रामीण क्षेत्रों से आये बच्चों से लेकर युवा बड़े बुजुर्गो के द्वारा खिलौना घरेलू सामान हस्तशिल्प की जमकर खरीदारी की गई

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मेले के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार देवी-देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान देव लत और अंगाओं को शुद्ध हजारी फूल, गेंदा फूल तथा अन्य सुगंधित फूलों की मालाओं से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति की सुगंध से महक उठा। फूलों से सजे देव प्रतीक और श्रद्धालुओं की पारंपरिक वेशभूषा ने मेले की भव्यता को और भी बढ़ा दिया।ग्रामीणों के अनुसार यह मेला केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि गांव की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता का भी जीवंत उदाहरण है। मेले में उत्साह, अनुशासन और सामूहिक भागीदारी का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। जिसमें पुलिस प्रशासन से लेकर मेला समिति पदाधिकारी और ग्राम के पंच सरपंच उपसरपंच माता पुजारी गायता पटेल कोटवार सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे

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लिहागांव में कुंवारी मावली देव मेला श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ

कमलेश कुमार मरकाम की रिपोर्ट

विश्रामपुरी/बड़ेराजपुर ~ कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लिहागांव में कुंवारी मावली देव मेला शुक्रवार को बड़े ही श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विशेष रूप से बालेंगा, आमगांव और पातरीपारा सहित कई गांवों के ग्रामीण मेले में शामिल होकर पूजा-अर्चना और पारंपरिक अनुष्ठानों में सहभागी बने। ग्रामीण क्षेत्रों से आये देवी देवताओं को मेला परिसर में भ्रमण कराया गया और ग्रामीण क्षेत्रों से आये बच्चों से लेकर युवा बड़े बुजुर्गो के द्वारा खिलौना घरेलू सामान हस्तशिल्प की जमकर खरीदारी की गई

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मेले के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार देवी-देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान देव लत और अंगाओं को शुद्ध हजारी फूल, गेंदा फूल तथा अन्य सुगंधित फूलों की मालाओं से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति की सुगंध से महक उठा। फूलों से सजे देव प्रतीक और श्रद्धालुओं की पारंपरिक वेशभूषा ने मेले की भव्यता को और भी बढ़ा दिया।ग्रामीणों के अनुसार यह मेला केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि गांव की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता का भी जीवंत उदाहरण है। मेले में उत्साह, अनुशासन और सामूहिक भागीदारी का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। जिसमें पुलिस प्रशासन से लेकर मेला समिति पदाधिकारी और ग्राम के पंच सरपंच उपसरपंच माता पुजारी गायता पटेल कोटवार सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे

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