Friday, February 13, 2026

National

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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 42 पीड़ित बच्चों की हुई जांच जिला अस्पताल में स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजन।

कोंडागांव

कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक भावना महलवार के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कोंडागांव जिले में बालाजी अस्पताल रायपुर के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ‘श्रेणी ए’ (Category A) के चिन्हित बच्चों का स्वास्थ्य जांच करना था।

इस स्वास्थ्य शिविर में बालाजी अस्पताल के कार्डियक सर्जन और ऑर्थोपेडिक सर्जन द्वारा जिले के 42 बच्चों की जांच की गई। जांच के दौरान, 34 बच्चों में हृदय रोग के लक्षण पाए गए, जिनमें से 7 बच्चे हृदय रोग से ग्रसित मिले। इसके अलावा 4 बच्चों में क्लबफुट (पैर मुड़े हुए) की समस्या पाई गई, जिनका इलाज ऑर्थोपेडिक सर्जन द्वारा किया जाएगा। दो बच्चों की प्लास्टिक सर्जरी और दो अन्य बच्चों की मस्तिष्क पक्षाघात और हृदय रोग के साथ-साथ क्लबफुट की समस्या का इलाज बालाजी अस्पताल रायपुर में किया जाएगा।

इस शिविर में ‘श्रेणी बी, सी, डी और ई’ के बच्चों का तत्काल इलाज किया गया, जबकि ‘श्रेणी ए’ के बच्चों को उच्च अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। यह शिविर चिरायु कार्यक्रम का एक हिस्सा है, जिसके तहत 0 से 18 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के लिए प्रति वर्ष 1 स्कूल और 2 आंगनवाड़ी केंद्रों का दौरा किया जाता है।

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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 42 पीड़ित बच्चों की हुई जांच जिला अस्पताल में स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजन।

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कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक भावना महलवार के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कोंडागांव जिले में बालाजी अस्पताल रायपुर के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ‘श्रेणी ए’ (Category A) के चिन्हित बच्चों का स्वास्थ्य जांच करना था।

इस स्वास्थ्य शिविर में बालाजी अस्पताल के कार्डियक सर्जन और ऑर्थोपेडिक सर्जन द्वारा जिले के 42 बच्चों की जांच की गई। जांच के दौरान, 34 बच्चों में हृदय रोग के लक्षण पाए गए, जिनमें से 7 बच्चे हृदय रोग से ग्रसित मिले। इसके अलावा 4 बच्चों में क्लबफुट (पैर मुड़े हुए) की समस्या पाई गई, जिनका इलाज ऑर्थोपेडिक सर्जन द्वारा किया जाएगा। दो बच्चों की प्लास्टिक सर्जरी और दो अन्य बच्चों की मस्तिष्क पक्षाघात और हृदय रोग के साथ-साथ क्लबफुट की समस्या का इलाज बालाजी अस्पताल रायपुर में किया जाएगा।

इस शिविर में ‘श्रेणी बी, सी, डी और ई’ के बच्चों का तत्काल इलाज किया गया, जबकि ‘श्रेणी ए’ के बच्चों को उच्च अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। यह शिविर चिरायु कार्यक्रम का एक हिस्सा है, जिसके तहत 0 से 18 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के लिए प्रति वर्ष 1 स्कूल और 2 आंगनवाड़ी केंद्रों का दौरा किया जाता है।

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