Monday, March 9, 2026

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फरसगांव केंद्रीय जिला सहकारी बैंक में किसानों को अपने ही हक के पैसे निकालने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।



कोंडागांव

कोंडागांव जिला बनने के बाद से लेकर आज तक फरसगांव स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में किसानों को अपने ही हक के पैसे निकालने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद भुगतान प्राप्त करने के लिए रोजाना सुबह-शाम बैंक के बाहर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है।

फरसगांव ब्लॉक के किसानों का कहना है कि बैंक में भीड़ अधिक होने और पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है। कई किसान दूर-दराज गांवों से आकर भी अपने खाते से पैसा नहीं निकाल पाते, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
किसानों की मांग है कि फरसगांव ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग सहकारी बैंक शाखाएं खोली जाएं, ताकि किसानों को अपने हक का पैसा निकालने के लिए भटकना न पड़े। साथ ही बैंक में कर्मचारियों की संख्या और सुविधाओं को भी बढ़ाने की आवश्यकता बताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि प्रशासन और सरकार को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि किसानों को समय पर उनका भुगतान मिल सके और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके।
बस्तर क्षेत्र के किसान उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगे, जिससे क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके।

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फरसगांव केंद्रीय जिला सहकारी बैंक में किसानों को अपने ही हक के पैसे निकालने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।



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कोंडागांव जिला बनने के बाद से लेकर आज तक फरसगांव स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में किसानों को अपने ही हक के पैसे निकालने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद भुगतान प्राप्त करने के लिए रोजाना सुबह-शाम बैंक के बाहर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है।

फरसगांव ब्लॉक के किसानों का कहना है कि बैंक में भीड़ अधिक होने और पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है। कई किसान दूर-दराज गांवों से आकर भी अपने खाते से पैसा नहीं निकाल पाते, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
किसानों की मांग है कि फरसगांव ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग सहकारी बैंक शाखाएं खोली जाएं, ताकि किसानों को अपने हक का पैसा निकालने के लिए भटकना न पड़े। साथ ही बैंक में कर्मचारियों की संख्या और सुविधाओं को भी बढ़ाने की आवश्यकता बताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि प्रशासन और सरकार को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि किसानों को समय पर उनका भुगतान मिल सके और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके।
बस्तर क्षेत्र के किसान उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगे, जिससे क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके।

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