Sunday, February 15, 2026

National

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नेशनल हाईवे 130D अबूझमाड़ को मुख्य धारा से जोड़ने वाली सड़क पर बनी पुल बारिश के चलते ढहा एनएचआई पर उठा सवाल।

कोंडागांव

अबूझमाड़ को मुख्य धारा से जोड़ने वाली कोंडागांव-नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 130D पर यात्री बसों की सेवा पिछले 25 दिनों से बंद पड़ी है। इसका मुख्य कारण कुम्हारपारा गांव के पास निर्माणाधीन पुल के बगल में अस्थायी डायवर्जन का भारी बारिश में बह जाना है।स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के अनुसार,

डायवर्जन का एक हिस्सा पूरी तरह बह गया है, जबकि अन्य हिस्से पर पानी का तेज बहाव जारी है। इसके चलते मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।

ग्रामीणों और राहगीरों की प्रतिक्रिया:

गणेश देवांगन (कुम्हारपारा निवासी): “रात को आने-जाने वाले राहगीरों के लिए यह बहुत खतरनाक हो सकता था। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। ठेकेदार की लापरवाही के कारण लोगों की जान खतरे में है।

”प्रदीप साहू (कोंडागांव): “धसे हुए पुलिया के कारण लंबा जाम लग गया है। जल्दी ही मरम्मत की व्यवस्था होनी चाहिए।”

स्थिति का आकलन:

निर्माणाधीन पुल कुछ माह पहले ही ढह चुका था।शुक्रवार रात हुई भारी बारिश ने अस्थायी डायवर्जन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।प्रशासन की ओर से अभी तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, जिससे वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।स्थानीय लोग एनएचआई की कार्य प्रणाली और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि ठेकेदार और प्रशासन दोनों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है और भविष्य में इसी तरह के हादसे टलने की कोई गारंटी नहीं है।

International

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नेशनल हाईवे 130D अबूझमाड़ को मुख्य धारा से जोड़ने वाली सड़क पर बनी पुल बारिश के चलते ढहा एनएचआई पर उठा सवाल।

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अबूझमाड़ को मुख्य धारा से जोड़ने वाली कोंडागांव-नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 130D पर यात्री बसों की सेवा पिछले 25 दिनों से बंद पड़ी है। इसका मुख्य कारण कुम्हारपारा गांव के पास निर्माणाधीन पुल के बगल में अस्थायी डायवर्जन का भारी बारिश में बह जाना है।स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के अनुसार,

डायवर्जन का एक हिस्सा पूरी तरह बह गया है, जबकि अन्य हिस्से पर पानी का तेज बहाव जारी है। इसके चलते मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।

ग्रामीणों और राहगीरों की प्रतिक्रिया:

गणेश देवांगन (कुम्हारपारा निवासी): “रात को आने-जाने वाले राहगीरों के लिए यह बहुत खतरनाक हो सकता था। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। ठेकेदार की लापरवाही के कारण लोगों की जान खतरे में है।

”प्रदीप साहू (कोंडागांव): “धसे हुए पुलिया के कारण लंबा जाम लग गया है। जल्दी ही मरम्मत की व्यवस्था होनी चाहिए।”

स्थिति का आकलन:

निर्माणाधीन पुल कुछ माह पहले ही ढह चुका था।शुक्रवार रात हुई भारी बारिश ने अस्थायी डायवर्जन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।प्रशासन की ओर से अभी तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, जिससे वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।स्थानीय लोग एनएचआई की कार्य प्रणाली और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि ठेकेदार और प्रशासन दोनों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है और भविष्य में इसी तरह के हादसे टलने की कोई गारंटी नहीं है।

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